एमएमएमयूटी में एमटेक के टॉपरों को अब एक और स्वर्ण पदक

एमएमएमयूटी में एमटेक के टॉपरों को अब एक और स्वर्ण पदक


मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के वर्ष 1991 बैच के पूर्व छात्र इं. सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय में एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच के टॉपरों के लिए ‘स्व. श्री इन्द्रासन लाल श्रीवास्तव स्वर्ण पदक प्रायोजित किया है। इस स्वर्ण पदक की स्थापना की लिए शनिवार को विवि एवं इं. सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के बीच इस आशय के एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।


समझौते पर इं. सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने और विवि की तरफ से अधिष्ठाता छात्र मामले प्रो. राकेश कुमार ने हस्ताक्षर किये। इस समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान विवि के कुलपति प्रो. श्रीनिवास सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एएन तिवारी एवं मालवीय एलुमनाई एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष इं. अमित शंकर भी मौजूद रहे। समझौते के मुताबिक इं. सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने विवि को 75 हजार रुपये की धनराशि दान की है, इसे उन्होंने विवि के खाते में जमा किया जाएगा। इस स्थायी निधि के ब्याज से होने वाली आय से प्रति वर्ष विवि, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सभी एमटेक पाठ्यक्रमों में विवि परिनियमों के अनुसार सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्रा को ‘स्व. श्री इन्द्रासन लाल श्रीवास्तव स्वर्ण पदक से सम्मानित करेगा। समझौते के अनुसार दो छात्रों के अंक सामान होने की दशा में यह स्वर्ण पदक आयु में छोटे विद्यार्थी को दिया जाएगा। यह पदक विवि के दीक्षांत समारोह या अन्य किसी समारोह, जैसा विवि उचित समझे, के दौरान दिया जाएगा। इस स्थायी निधि के संचालन के लिए विवि निधि प्रबंधन समिति का गठन करेगा। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में प्रदान किये जाने वाले ‘स्व. श्री इन्द्रासन लाल श्रीवास्तव स्वर्ण पदक के लिए इं. श्रीवास्तव ने 5 हजार रुपये की राशि अलग से विवि के कोष में जमा की है। समझौते के मुताबिक भविष्य में इस निधि से मिलने वाला ब्याज स्वर्ण पदक के लिए अपर्याप्त होने की दशा में विवि इसी नाम में नकद पुरस्कार दे सकेगा और दानकर्ता से स्थायी निधि को बढ़ाने की मांग कर सकेगा। इस समझौते के बाद विवि में प्रायोजित स्वर्ण पदकों की संख्या 16 हो गई है।